नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए)

नागरिक विमानन महानिदेशालय भारत में नागरिक विमानन सुरक्षा का नियामक है तथा मंत्रालय का एक संबद्ध संगठन है। इसके प्रमुख कार्यों में नागरिक विमानों का पंजीकरण, विमानन कार्मिकों को लाइसेंस प्रदान करना, हवाई अड्डों और वायु परिवहन संचालकों का प्रमाणन तथा विमानन प्रशिक्षण और अनुरक्षण संगठनों को अनुमोदन प्रदान करना शामिल है। डीजीसीए सुरक्षा एवं वायुयोग्यता संबंधी आवश्यकताओं को निर्धारित करता है और उनका अनुपालन सुनिश्चित करता है, निरीक्षण एवं निगरानी करता है तथा विनियामक मामलों में अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन (आईसीएओ) के साथ समन्वय स्थापित करता है।
नागरिक विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस)

नागरिक विमानन सुरक्षा ब्यूरो भारत में नागरिक विमानन सुरक्षा के लिए नियामक प्राधिकरण है तथा मंत्रालय का एक संबद्ध संगठन है। यह नागरिक विमानन को गैरकानूनी हस्तक्षेप से सुरक्षित रखने के लिए सुरक्षा मानकों और उपायों को निर्धारित करता है। बीसीएएस निरीक्षण, लेखा-परीक्षा और सुरक्षा परीक्षणों के माध्यम से हवाई अड्डों, विमानन कंपनियों तथा अन्य विमानन संस्थाओं द्वारा सुरक्षा मानकों के अनुपालन की निगरानी करता है। यह विमानन सुरक्षा प्रशिक्षण और प्रमाणन संबंधी आवश्यकताएँ भी निर्धारित करता है तथा राष्ट्रीय विमानन सुरक्षा ढाँचे के कार्यान्वयन के लिए समन्वय स्थापित करता है।
विमान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (एएआईबी)

विमान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो मंत्रालय का एक संबद्ध संगठन है, जो लागू कानूनी ढाँचे के अंतर्गत विमान दुर्घटनाओं और घटनाओं की जाँच के लिए उत्तरदायी है। यह विमानन सुरक्षा नियामक से स्वतंत्र रूप से कार्य करता है, साक्ष्यों की जाँच करता है, अन्वेषण रिपोर्ट प्रकाशित करता है तथा सुरक्षा संबंधी सिफारिशें प्रस्तुत करता है। इसके अन्वेषणों का उद्देश्य दोष या दायित्व निर्धारित करना नहीं, बल्कि भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं और घटनाओं को रोकना है। एएआईबी सुरक्षा अध्ययन भी करता है तथा अन्वेषण संबंधी मामलों में अन्य देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ समन्वय स्थापित करता है।
रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस)

रेलवे सुरक्षा आयुक्तालय, नागरिक विमानन मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन कार्य करता है तथा रेल यात्रा और रेलगाड़ियों के संचालन की सुरक्षा से संबंधित मामलों को देखता है। इसके वैधानिक दायित्वों में निरीक्षण, जाँच और परामर्श शामिल हैं। इनमें नई रेलवे एवं मेट्रो रेल लाइनों को यात्री सेवाओं के लिए खोलने से पहले उनका परीक्षण करना, निर्धारित रेलवे कार्यों का निरीक्षण करना तथा गंभीर रेल दुर्घटनाओं की जाँच करना शामिल है। यह आयुक्तालय लागू रेलवे एवं मेट्रो रेलवे संबंधी कानूनों के अंतर्गत सुरक्षा में सुधार के लिए सिफारिशें प्रस्तुत करता है।
भारतीय विमानपत्तन आर्थिक विनियामक प्राधिकरण (एईआरए)

भारतीय विमानपत्तन आर्थिक विनियामक प्राधिकरण, भारतीय विमानपत्तन आर्थिक विनियामक प्राधिकरण अधिनियम, 2008 के अंतर्गत स्थापित एक वैधानिक प्राधिकरण है। यह वैमानिक सेवाओं के लिए शुल्कों का विनियमन करता है तथा अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत प्रमुख हवाई अड्डों पर निर्धारित शुल्कों का निर्धारण करता है। यह सेवाओं की गुणवत्ता, निरंतरता और विश्वसनीयता से संबंधित निर्धारित कार्य-निष्पादन मानकों की निगरानी भी करता है। इसके विनियामक कार्यों में हवाई अड्डों में निवेश, परिचालन लागत, सेवा की गुणवत्ता तथा हवाई अड्डों के उपयोगकर्ताओं के हितों को ध्यान में रखा जाता है।
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई)

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण अधिनियम, 1994 के अंतर्गत गठित एक वैधानिक प्राधिकरण है तथा मंत्रालय के अधीन एक सार्वजनिक क्षेत्र का संगठन है। यह अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत हवाई अड्डों और सिविल एन्क्लेव का विकास, संचालन एवं रखरखाव करता है, जिसमें हवाई पट्टियाँ, यात्री टर्मिनल और सहायक सुविधाएँ शामिल हैं। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण वायु यातायात प्रबंधन तथा संचार, नौवहन और निगरानी संबंधी अवसंरचना सहित वायु नौवहन सेवाएँ भी प्रदान करता है। हवाई अड्डों के विकास और परिचालन संबंधी इसकी गतिविधियाँ देशभर में यात्रियों और माल के आवागमन को सुगम बनाती हैं।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी (आईजीआरयूए)

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त उड़ान प्रशिक्षण संस्थान है, जो उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के फुरसतगंज में स्थित है। यह वाणिज्यिक पायलट बनने के इच्छुक अभ्यर्थियों को सैद्धांतिक प्रशिक्षण, सिम्युलेटर प्रशिक्षण और व्यावहारिक उड़ान प्रशिक्षण प्रदान करती है। इसमें उपकरण उड़ान तथा बहु-इंजन वाले विमानों का प्रशिक्षण भी शामिल है। अकादमी उड़ान प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण और अन्य विशिष्ट विमानन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का भी संचालन करती है। इसकी गतिविधियाँ भारत के विमानन क्षेत्र के लिए व्यावसायिक रूप से प्रशिक्षित कार्मिकों के विकास में योगदान देती हैं।
राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय (आरजीएनएयू)

राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय, राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय अधिनियम, 2013 के अंतर्गत स्थापित एक विश्वविद्यालय है, जो मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन है। यह उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के फुरसतगंज में स्थित है तथा विमानन शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान को बढ़ावा देता है। इसके कार्यक्षेत्र में विमानन प्रबंधन, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नीति, सुरक्षा, संरक्षा और संबंधित विषय शामिल हैं। विश्वविद्यालय विमानन क्षेत्र की शैक्षिक एवं अनुसंधान संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने और व्यावसायिक क्षमताओं के विकास के लिए उद्योग जगत तथा शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर कार्य करता है।
पवन हंस लिमिटेड (पीएचएल)
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पवन हंस लिमिटेड मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन एक सार्वजनिक क्षेत्र की हेलीकॉप्टर सेवा कंपनी है। यह अपतटीय तेल एवं गैस परिचालनों के लिए हेलीकॉप्टर सहायता, दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों तक संपर्क सुविधा तथा चार्टर एवं पर्यटन सेवाएँ प्रदान करती है। इसकी गतिविधियों में आपातकालीन निकासी सहायता, हेलीकॉप्टरों का रखरखाव, प्रशिक्षण तथा हेलीपोर्ट संबंधी सेवाएँ भी शामिल हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से कंपनी उन क्षेत्रों में परिवहन संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता करती है, जहाँ सड़क मार्ग से यात्रा या पारंपरिक हवाई सेवाएँ सीमित हो सकती हैं।
एआई एसेट्स होल्डिंग लिमिटेड (एआईएएचएल)

एआई एसेट्स होल्डिंग लिमिटेड मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन पूर्णतः भारत सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी है। इसकी स्थापना एयर इंडिया के विनिवेश के संबंध में एक विशेष प्रयोजन वाहन के रूप में की गई थी। इसके प्रमुख दायित्वों में एयर इंडिया से हस्तांतरित निर्दिष्ट परिसंपत्तियों और देनदारियों का प्रबंधन, परिसंपत्तियों का मौद्रीकरण, ऋणों का पुनर्भुगतान तथा विनिवेश के बाद सौंपे गए मामलों का निपटान शामिल है। एआईएएचएल अपनी उन सहायक कंपनियों की गतिविधियों की निगरानी भी करती है, जो विमान इंजीनियरिंग, हवाई अड्डा ग्राउंड हैंडलिंग, क्षेत्रीय हवाई परिवहन और आतिथ्य सेवाओं से संबंधित हैं।

एआई इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड, एआई एसेट्स होल्डिंग लिमिटेड (एआईएएचएल) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, जो विमानों के अनुरक्षण, मरम्मत और ओवरहॉल (एमआरओ) सेवाएँ प्रदान करती है। इसकी गतिविधियों में उड़ानों के बीच नियमित अनुरक्षण, हैंगर में व्यापक अनुरक्षण तथा इंजनों और विमान के विभिन्न घटकों का रखरखाव शामिल है। कंपनी अपनी इंजीनियरिंग सुविधाओं और अनुरक्षण केंद्रों के माध्यम से घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय विमानन ग्राहकों को सेवाएँ प्रदान करती है, जिससे विमानों की निरंतर वायुयोग्यता और परिचालन उपलब्धता सुनिश्चित करने में सहायता मिलती है।

एआई एयरपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड, एआई एसेट्स होल्डिंग लिमिटेड (एआईएएचएल) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, जो हवाई अड्डों पर ग्राउंड हैंडलिंग सेवाएँ प्रदान करती है। इसकी सेवाओं में यात्री प्रबंधन, सामान का प्रबंधन, विमानों के आगमन एवं प्रस्थान की तैयारी तथा माल परिचालन से संबंधित कार्य शामिल हैं। कंपनी हवाई अड्डों पर प्रशिक्षित कार्मिकों और ग्राउंड सपोर्ट उपकरणों की तैनाती करती है, ताकि विमानों को प्रस्थान के लिए तैयार करने और उनके आगमन संबंधी कार्यों को सुचारु रूप से संपन्न करने में सहायता मिल सके। इन कार्यों के लिए कंपनी विमानन कंपनियों, हवाई अड्डा संचालकों और अन्य सेवा प्रदाताओं के साथ समन्वय स्थापित करती है।

अलायंस एयर एविएशन लिमिटेड, एआई एसेट्स होल्डिंग लिमिटेड (एआईएएचएल) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, जो अलायंस एयर ब्रांड के अंतर्गत यात्री हवाई सेवाएँ संचालित करती है। इसका प्रमुख उद्देश्य क्षेत्रीय हवाई संपर्क उपलब्ध कराना है, जिसमें छोटे शहरों और कम हवाई संपर्क वाले गंतव्यों तक सेवाएँ प्रदान करना शामिल है। यह एयरलाइन क्षेत्रीय संपर्क योजना — उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) में भाग लेती है तथा सीमित हवाई संपर्क वाले क्षेत्रों में हवाई परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराने में योगदान देती है।

होटल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, एआई एसेट्स होल्डिंग लिमिटेड (एआईएएचएल) की एक सहायक कंपनी है, जो आतिथ्य एवं विमानन खानपान सेवाओं के क्षेत्र में कार्यरत है। इसकी गतिविधियों में सेंटॉर ब्रांड के अंतर्गत होटल सेवाएँ तथा शेफेयर ब्रांड के अंतर्गत उड़ान खानपान सेवाएँ शामिल हैं। यह कंपनी एआईएएचएल के उन व्यावसायिक उपक्रमों का हिस्सा है, जो विमानन, यात्रा और आतिथ्य से संबंधित सेवाएँ प्रदान करते हैं।
